UPSC syllabus in Hindi को सरल शब्दों में समझें तो: Prelims में दो पेपर हैं — सामान्य अध्ययन (GS) पेपर-1, जिसमें इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, विज्ञान और करंट अफेयर्स आते हैं, और CSAT पेपर-2, जिसमें समझ, तर्क और बुनियादी गणित है। Mains में नौ पेपर हैं — दो क्वालिफाइंग भाषा पेपर, निबंध, GS 1 से 4 और वैकल्पिक विषय के दो पेपर। उसके बाद 275 अंकों का इंटरव्यू होता है।
सिलेबस UPSC की हर तैयारी का नक्शा है। जो अभ्यर्थी इसे ठीक से नहीं समझता, वह या तो ज़रूरत से ज़्यादा पढ़ता है या ज़रूरी हिस्से छोड़ देता है। नीचे पूरा सिलेबस हिंदी में, हर हिस्से पर मेंटर की टिप्पणी के साथ दिया गया है। अगर आप चाहते हैं कि यह पूरा सिलेबस एक तय क्रम में और मूल्यांकन के साथ कवर हो, तो हमारा हिंदी माध्यम GS फाउंडेशन मेंटरशिप प्रोग्राम देखें।
नोट: सिलेबस का आधिकारिक और अंतिम स्रोत हर साल जारी होने वाली UPSC CSE अधिसूचना है। नीचे का विवरण उसी का सरल हिंदी रूप है।
परीक्षा की संरचना एक नज़र में
| चरण | पेपर | अंक | मेरिट में? |
| Prelims | GS पेपर-1 | 200 | छँटनी के लिए (अंतिम मेरिट में नहीं) |
| Prelims | CSAT पेपर-2 | 200 | क्वालिफाइंग (33%) |
| Mains | पेपर A: भारतीय भाषा | 300 | क्वालिफाइंग (25%) |
| Mains | पेपर B: अंग्रेज़ी | 300 | क्वालिफाइंग (25%) |
| Mains | निबंध | 250 | हाँ |
| Mains | GS-1, GS-2, GS-3, GS-4 | 4 × 250 | हाँ |
| Mains | वैकल्पिक पेपर 1 और 2 | 2 × 250 | हाँ |
| इंटरव्यू | व्यक्तित्व परीक्षण | 275 | हाँ |
कुल मेरिट: Mains 1750 + इंटरव्यू 275 = 2025 अंक। पैटर्न पर और विस्तार के लिए UPSC exam pattern हिंदी में पढ़ें।
UPSC Prelims Syllabus in Hindi
GS पेपर-1 (200 अंक, 100 प्रश्न, 2 घंटे)
- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएँ
- भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन
- भारत और विश्व का भूगोल — भौतिक, सामाजिक, आर्थिक
- भारतीय राजव्यवस्था और शासन — संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायती राज, लोक नीति, अधिकार संबंधी मुद्दे
- आर्थिक और सामाजिक विकास — सतत विकास, गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र की पहलें
- पर्यावरण पारिस्थितिकी, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन के सामान्य मुद्दे (विशेषज्ञता की ज़रूरत नहीं)
- सामान्य विज्ञान
मेंटर की टिप्पणी: सिलेबस छोटा दिखता है, लेकिन हर पंक्ति के पीछे बड़ा क्षेत्र है। “सामान्य विज्ञान” में जीव विज्ञान से लेकर अंतरिक्ष तकनीक तक आता है। इसलिए हर विषय पर पिछले 10 साल के प्रश्न देखकर तय करें कि UPSC कितनी गहराई तक जाता है। गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक कटते हैं।
CSAT पेपर-2 (200 अंक, 80 प्रश्न, 2 घंटे, क्वालिफाइंग)
- बोधगम्यता (Comprehension)
- संचार कौशल सहित अंतर-वैयक्तिक कौशल
- तार्किक कौशल और विश्लेषणात्मक क्षमता
- निर्णय लेना और समस्या समाधान
- सामान्य मानसिक योग्यता
- बुनियादी संख्या ज्ञान (कक्षा 10 स्तर) और आँकड़ों की व्याख्या (चार्ट, ग्राफ़, तालिका — कक्षा 10 स्तर)
मेंटर की टिप्पणी: 33% यानी 200 में से 66 अंक ज़रूरी हैं। हिंदी माध्यम के कई अभ्यर्थी अनुवादित comprehension में समय गँवाते हैं। हफ़्ते में तीन दिन CSAT अभ्यास शुरुआत से रखिए। विस्तार CSAT की तैयारी कैसे करें में।
UPSC Mains Syllabus in Hindi
क्वालिफाइंग पेपर (पेपर A और B)
संविधान की आठवीं अनुसूची की किसी भारतीय भाषा का पेपर और अंग्रेज़ी का पेपर — दोनों 300-300 अंक के, कक्षा 10 स्तर के। इनमें निबंध, समझ, सारांश लेखन, शब्दावली और अनुवाद आते हैं। अंक मेरिट में नहीं जुड़ते, लेकिन इनमें 25% न आने पर बाकी पेपर जाँचे ही नहीं जाते।
निबंध (250 अंक)
विभिन्न विषयों पर निबंध लिखने होते हैं। मौजूदा पैटर्न में दो खंड हैं, हर खंड से एक-एक निबंध चुनना होता है। विचारों की स्पष्टता, सुसंगत क्रम और संक्षिप्त, सटीक अभिव्यक्ति पर अंक मिलते हैं। निबंध पेपर अक्सर अंतिम रैंक में बड़ा अंतर पैदा करता है — गहन अभ्यास के लिए हमारा Essay Foundation प्रोग्राम देखें।
GS-1 (250 अंक): भारतीय विरासत, संस्कृति, इतिहास, भूगोल और समाज
- भारतीय संस्कृति — प्राचीन से आधुनिक काल तक कला, साहित्य और स्थापत्य
- आधुनिक भारतीय इतिहास — 18वीं सदी के मध्य से आज तक; स्वतंत्रता संग्राम के चरण और प्रमुख योगदानकर्ता
- स्वतंत्रता के बाद देश का एकीकरण और पुनर्गठन
- विश्व इतिहास — 18वीं सदी से औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, उपनिवेशवाद, विऔपनिवेशीकरण, राजनीतिक दर्शन
- भारतीय समाज — विविधता, महिलाओं की भूमिका, जनसंख्या, गरीबी, शहरीकरण, वैश्वीकरण का प्रभाव, सामाजिक सशक्तिकरण, सांप्रदायिकता, क्षेत्रवाद, धर्मनिरपेक्षता
- विश्व का भौतिक भूगोल, प्राकृतिक संसाधनों का वितरण, उद्योगों की अवस्थिति के कारक
- भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखी, चक्रवात जैसी भौगोलिक घटनाएँ और उनसे होने वाले परिवर्तन
GS-1 की विस्तृत रणनीति GS पेपर 1 की तैयारी में दी गई है।
GS-2 (250 अंक): शासन, संविधान, राजव्यवस्था, सामाजिक न्याय और अंतरराष्ट्रीय संबंध
- भारतीय संविधान — ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, मूल ढाँचा
- संघ और राज्यों के कार्य, संघीय ढाँचे की चुनौतियाँ, शक्तियों का हस्तांतरण
- संसद और राज्य विधानमंडल; कार्यपालिका और न्यायपालिका
- संवैधानिक, वैधानिक, नियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप, विकास प्रक्रिया, NGO और स्वयं सहायता समूह
- कमज़ोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ; स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधन
- शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही, ई-गवर्नेंस, नागरिक चार्टर
- भारत और पड़ोसी देशों के संबंध, द्विपक्षीय और वैश्विक समूह, अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ
GS-3 (250 अंक): अर्थव्यवस्था, कृषि, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन
- भारतीय अर्थव्यवस्था — योजना, संसाधन जुटाना, विकास, रोज़गार, समावेशी विकास, सरकारी बजट
- कृषि — फ़सल पैटर्न, सिंचाई, कृषि उपज का भंडारण-विपणन, MSP, सब्सिडी, PDS, खाद्य प्रसंस्करण, भूमि सुधार
- उदारीकरण का प्रभाव, बुनियादी ढाँचा, निवेश मॉडल
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी — विकास, रोज़मर्रा के जीवन पर प्रभाव, IT, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टेक, बायो-टेक, बौद्धिक संपदा अधिकार
- संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव आकलन
- आपदा और आपदा प्रबंधन
- आंतरिक सुरक्षा — उग्रवाद, साइबर सुरक्षा, मनी लॉन्ड्रिंग, सीमा प्रबंधन, सुरक्षा बल और एजेंसियाँ
GS-4 (250 अंक): नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिवृत्ति
- नीतिशास्त्र और मानवीय सहसंबंध; मानवीय मूल्य — महापुरुषों, सुधारकों, प्रशासकों से सीख
- अभिवृत्ति, सिविल सेवा के लिए अभिरुचि और बुनियादी मूल्य — सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता, वस्तुनिष्ठता, सहानुभूति, सहिष्णुता
- भावनात्मक बुद्धिमत्ता
- भारत और विश्व के नैतिक विचारकों और दार्शनिकों का योगदान
- लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य और नैतिकता; शासन में ईमानदारी
- केस स्टडी
मेंटर की टिप्पणी: GS-4 वह पेपर है जिसमें हिंदी माध्यम के अभ्यर्थी अपने अनुभवों और सरल भाषा से अच्छे अंक ला सकते हैं, बशर्ते केस स्टडी का ढाँचा पक्का हो।
वैकल्पिक विषय (2 × 250 अंक)
UPSC की सूची से एक विषय चुनना होता है; हर विषय के दो पेपर होते हैं। भाषा-साहित्य भी विकल्प हैं — हिंदी माध्यम में हिंदी साहित्य वैकल्पिक विषय लोकप्रिय विकल्प है।
सिलेबस को पढ़ने का सही तरीका
- सिलेबस प्रिंट करके दीवार पर लगाएँ — हर पढ़े हुए बिंदु पर टिक।
- Prelims-Mains ओवरलैप पहचानें — राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, भूगोल, पर्यावरण दोनों में आते हैं; इन्हें एक साथ पढ़ें।
- हर बिंदु के साथ PYQ जोड़ें — सिलेबस की पंक्ति के नीचे उससे जुड़े पिछले प्रश्न लिख लें।
- करंट अफेयर्स को सिलेबस में टाँगें — हर ख़बर को सिलेबस के किसी बिंदु से जोड़कर नोट करें।
- हर महीने समीक्षा — कौन-सा हिस्सा पूरा, कौन-सा बाकी, कौन-सा कमज़ोर।
पूरी तैयारी का क्रम हमारे मुख्य लेख UPSC की तैयारी कैसे करें में है, और किताबों के लिए हिंदी माध्यम UPSC बुक लिस्ट देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या UPSC का सिलेबस हिंदी में आधिकारिक रूप से उपलब्ध है?
हाँ, UPSC की अधिसूचना हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में जारी होती है। अंतिम और आधिकारिक संदर्भ हमेशा उसी वर्ष की अधिसूचना मानें।
क्या Prelims के अंक अंतिम मेरिट में जुड़ते हैं?
नहीं। Prelims सिर्फ़ Mains के लिए छँटनी का चरण है। अंतिम मेरिट Mains (1750) और इंटरव्यू (275) के कुल 2025 अंकों पर बनती है।
क्या Mains हिंदी में लिख सकते हैं?
हाँ। निबंध, GS और वैकल्पिक विषय के पेपर आठवीं अनुसूची की किसी भी भाषा या अंग्रेज़ी में लिखे जा सकते हैं (भाषा-संबंधी नियम अधिसूचना में देखें)।
सिलेबस पूरा करने में कितना समय लगता है?
नियमित पूर्णकालिक तैयारी में एक बार पूरा सिलेबस कवर करने में 8–10 महीने लगते हैं, उसके बाद दोहराव और टेस्ट।
CSAT में कितने अंक ज़रूरी हैं?
कम से कम 33%, यानी 200 में से 66 अंक। यह क्वालिफाइंग है, पर इसके बिना GS पेपर-1 का स्कोर मान्य नहीं होता।
अगला कदम
UPSC syllabus in Hindi समझ लेना पहला कदम है; उसे एक तय क्रम में, लेखन और टेस्ट के साथ पूरा करना असली काम है। रियासत IAS का हिंदी माध्यम GS फाउंडेशन मेंटरशिप प्रोग्राम Prelims, Mains, निबंध, एथिक्स, करंट अफेयर्स, CSAT और इंटरव्यू — पूरा सिलेबस एक जगह कवर करता है। मुफ़्त डेमो क्लास देखें, मौजूदा बैच के लिए कोर्स पेज देखें या +91 80905 28260 पर संपर्क करें।




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