UPSC Mains Current Affairs

वैश्विक शरणार्थी संकट 2025

Riyasat IAS Mentorship Team Updated 19 Jul 2026 5 min read

वैश्विक शरणार्थी संकट 2025

GS Paper 2 | अंतरराष्ट्रीय संबंध | मानवाधिकार | वैश्विक शासन | Non-Refoulement

चर्चा में क्यों? UNHCR की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर शरणार्थियों की संख्या में गिरावट आई है, लेकिन यह सुधार स्वैच्छिक नहीं है। मेजबान देशों के बढ़ते आर्थिक-राजनीतिक दबाव और कठोर नीतियों के कारण शरणार्थी असुरक्षित परिस्थितियों में भी अपने मूल देशों में लौटने को मजबूर हो रहे हैं।

मुख्य सांख्यिकीय निष्कर्ष

संकेतकआंकड़ा (2025)
वैश्विक शरणार्थी जनसंख्या4.16 करोड़ (3% की मामूली गिरावट)
फिलिस्तीनी शरणार्थी~60 लाख (15%) — चल रही भू-राजनीतिक अस्थिरता का संकेतक
अपने मूल देश लौटे लोग~1.47 करोड़ — 1965 में UNHCR डेटा संग्रह शुरू होने के बाद दूसरी सबसे बड़ी वापसी
अफगान शरणार्थी — जबरन वापसी~19.5 लाख अकेले 2025 में (ईरान और पाकिस्तान की कठोर नीतियों के कारण)
सर्वाधिक शरण आवेदन प्राप्त देशअमेरिका (9 लाख से अधिक)
शरण चाहने वालों का मुख्य मूल देशयूक्रेन
सबसे तेज़ नई संकट वृद्धिवेनेजुएला (3% की सबसे तीव्र वृद्धि — शासन विफलता + आर्थिक संकट)

शरणार्थियों की वापसी: समाधान या मजबूरी?

स्वैच्छिक वापसीजबरन / दबाव में वापसी
मूल देश में सुरक्षित परिस्थितियाँ सुनिश्चितमूल देश अभी भी असुरक्षित हो सकता है
शरणार्थी की स्वतंत्र, सूचित पसंदमेजबान देश की शत्रुतापूर्ण नीतियों के कारण प्रस्थान
अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूपNon-Refoulement सिद्धांत का संभावित उल्लंघन
UNHCR सुविधित, गरिमापूर्णअक्सर अपमानजनक, बिना पर्याप्त समर्थन के

“नॉन-रिफाउलमेंट” का सिद्धांत

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का एक बुनियादी सिद्धांत है — नॉन-रिफाउलमेंट। 1951 के शरणार्थी कन्वेंशन के अनुच्छेद 33 के तहत किसी भी राज्य को किसी शरणार्थी को ऐसे देश में वापस भेजने से मना किया गया है जहाँ उसके जीवन या स्वतंत्रता को खतरा हो।

  • भारत 1951 के शरणार्थी कन्वेंशन का हस्ताक्षरकर्ता नहीं है — लेकिन प्रथागत अंतरराष्ट्रीय कानून और 1967 के प्रोटोकॉल के तहत दायित्व हैं
  • अफगान संकट का मामला: ईरान और पाकिस्तान की 2025 की प्रतिबंधात्मक नीतियों के तहत 19.5 लाख अफगान तालिबान शासित अफगानिस्तान लौटे — जहाँ मानवाधिकार स्थिति अभी भी गंभीर है — यह non-refoulement की गंभीर चिंता है
परीक्षोपयोगी प्रश्न “वैश्विक शरणार्थी संकट के समाधान के रूप में शरणार्थियों की उनके मूल देश में वापसी हमेशा स्वैच्छिक या सुरक्षित नहीं होती है, बल्कि यह अक्सर मेजबान देशों की प्रतिबंधात्मक नीतियों का परिणाम होती है।” UNHCR की हालिया रिपोर्ट के आलोक में इस कथन की समीक्षा कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)

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