चर्चा में क्यों?
हाल ही में साइंस पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, वैज्ञानिकों ने नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) का उपयोग करके पृथ्वी से लगभग 700 प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक बाह्य ग्रह WASP-94A b के वायुमंडल और मौसम चक्र का बारीकी से विश्लेषण किया है। यह पहली बार है जब सौर मंडल से इतनी दूर किसी ग्रह पर चरम मौसम चक्र का प्रत्यक्ष मापन किया गया है। यह सीधे UPSC GS Paper 3 (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) का विषय है। Riyasat IAS Mentorship Program में ऐसे S&T developments को पूर्ण विश्लेषण के साथ कवर किया जाता है।
WASP-94A b — UPSC Prelims के लिए मुख्य तथ्य
| अवधारणा / तथ्य | विवरण |
| ग्रह | WASP-94A b — “Hot Jupiter” श्रेणी |
| पृथ्वी से दूरी | लगभग 700 प्रकाश वर्ष |
| आकार | बृहस्पति से लगभग दोगुना बड़ा |
| द्रव्यमान | बृहस्पति का आधा |
| परिक्रमा अवधि | मात्र 4 दिन |
| प्रकृति | ज्वारीय रूप से स्थिर (Tidally Locked) |
| JWST | James Webb Space Telescope — NASA |
| खोजे गए बाह्य ग्रह कुल | ~6,000 |
| ELT | Extremely Large Telescope — चिली में निर्माणाधीन |
| मुख्य तकनीकें | पारगमन विधि + स्पेक्ट्रोस्कोपी |
5 अहम तथ्य — WASP-94A b UPSC 2026
1. WASP-94A b — एक “हॉट जुपिटर” ग्रह
WASP-94A b कोई आम ग्रह नहीं है। खगोलविदों ने इसे “Hot Jupiter” श्रेणी में रखा है। मुख्य विशेषताएं:
- • आकार: बृहस्पति से लगभग दोगुना बड़ा
- • द्रव्यमान: बृहस्पति का आधा
- • अत्यंत तीव्र परिक्रमा: मात्र 4 दिनों में एक परिक्रमा
- • अपने मूल तारे के अत्यंत निकट स्थित
2. ज्वारीय रूप से स्थिर (Tidally Locked) — दिन और रात का असाधारण अंतर
चंद्रमा की तरह WASP-94A b का भी केवल एक ही हिस्सा हमेशा इसके तारे की तरफ रहता है। परिणामस्वरूप:
- दिन का भाग — झुलसा देने वाला रेगिस्तान; तापमान इतना अधिक कि चट्टानें भी पिघलें
- रात का भाग — हमेशा अंधेरा और लगभग पूर्ण शून्य तापमान
यह असाधारण तापमान अंतर वायुमंडलीय गतिशीलता को असामान्य रूप से सक्रिय बनाता है। Secure Prelims Program 2026 में ऐसी अवधारणाएँ MCQ-ready format में दी जाती हैं।
3. ग्रह का अनोखा मौसम — सुबह बादल, शाम साफ आसमान
JWST की संवेदनशीलता के कारण वैज्ञानिकों ने इस ग्रह के सुबह और शाम के वायुमंडल के बीच का विशिष्ट अंतर खोज निकाला:
- • बादलों का निर्माण (सुबह) — मैग्नीशियम सिलिकेट, लोहा, मैग्नीशियम सल्फाइड के बादल बनते हैं ठंडे रात वाले हिस्से में
- • वितरण — सुपरसोनिक हवाओं के कारण ये बादल पूरे ग्रह पर फैलते हैं
- • साफ आसमान (शाम) — गर्म दिन वाले हिस्से में पहुँचकर बादल तुरंत वाष्पीकृत हो जाते हैं
4. वैज्ञानिक तकनीक — पारगमन विधि और स्पेक्ट्रोस्कोपी
दो प्रमुख तकनीकें इस खोज में प्रयुक्त हुईं:
- (1) पारगमन विधि (Transit Method) — जब ग्रह अपने मूल तारे के सामने से गुजरता है, तो वह तारे की रोशनी का कुछ हिस्सा रोक लेता है। ग्रह के विभिन्न हिस्सों (सुबह/शाम छोर) ने प्रकाश को अलग-अलग तरीके से अवशोषित किया।
- (2) स्पेक्ट्रोस्कोपी (Spectroscopy) — प्रकाश को विभिन्न तरंग दैर्ध्य में विभाजित करके यह देखा गया कि वायुमंडल ने किस प्रकाश को सोखा। चूँकि हर रसायन एक निश्चित वेवलेंथ सोखता है, इससे बादलों की सटीक रासायनिक संरचना का पता चला।
5. महत्व — ग्रहों के निर्माण और “दूसरी पृथ्वी” की खोज
इस खोज का दोहरा महत्व है:
- A) ग्रहों के निर्माण का इतिहास — 4.6 अरब वर्ष पहले सूर्य के चारों ओर मौजूद धूल-गैस डिस्क की प्रक्रिया को समझने में मदद
- B) अब तक ~6,000 बाह्य ग्रह खोजे जा चुके हैं; JWST दिखा रहा है कि बादलों के कारण पुराने अनुमान गलत हो सकते थे
- C) भविष्य में ELT (Extremely Large Telescope) के चालू होने पर “दूसरी पृथ्वी” खोजने की संभावना कई गुना बढ़ेगी
बाह्य ग्रह, JWST, ELT UPSC GS Paper 3 के स्थायी विषय हैं। Riyasat Ali Sir हर S&T development का analytical framework देते हैं। आज join करो -> iasmentorship.com/admissions
UPSC प्रासंगिकता — ब्रह्मांडीय मौसम और बाह्य ग्रह
Prelims के लिए:
- WASP-94A b — Hot Jupiter
- JWST — NASA का अंतरिक्ष दूरबीन
- Tidally Locked ग्रह — चंद्रमा जैसी विशेषता
- पारगमन विधि (Transit Method) — exoplanet खोज की प्रमुख विधि
- स्पेक्ट्रोस्कोपी — रासायनिक संरचना विश्लेषण
- ELT (Extremely Large Telescope) — चिली में निर्माणाधीन
Mains के लिए (GS Paper 3 — S&T):
- अंतरिक्ष अन्वेषण की प्रगति — JWST के योगदान
- बाह्य ग्रह खोज — पारगमन विधि + स्पेक्ट्रोस्कोपी
- ग्रहों के निर्माण का इतिहास — सौर मंडल की उत्पत्ति
- “दूसरी पृथ्वी” की खोज — astrobiology दृष्टिकोण
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अभ्यास प्रश्न (Prelims):
हाल ही में चर्चा में रहा ‘WASP-94A b’ निम्नलिखित में से किससे संबंधित है? (A) इसरो द्वारा लॉन्च किया गया एक नया संचार उपग्रह (B) नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप द्वारा खोजा गया एक बाह्य ग्रह (Exoplanet) (C) गहरे समुद्र में पाया गया एक नया जीव (D) एक प्राचीन हड़प्पाकालीन स्थल। उत्तर: (B)
निष्कर्ष
WASP-94A b की खोज अंतरिक्ष अनुसंधान में JWST की अद्वितीय क्षमता को सिद्ध करती है। बाह्य ग्रहों के वायुमंडल के विश्लेषण से न केवल ग्रहों के निर्माण की प्रक्रिया स्पष्ट हो रही है — बल्कि “दूसरी पृथ्वी” की खोज की दिशा में भी कदम बढ़ रहे हैं। UPSC 2026 की तैयारी के लिए आज ही Admission लें।
यह भी पढ़ें:
- UPSC Mentorship Program — Riyasat Ali Sir
- Foundation Mentorship — हिंदी माध्यम
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बाहरी संदर्भ:


